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पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ FIR नहीं: CM मान

पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ FIR नहीं: CM मान

पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ FIR नहीं: CM मान

लुधियाना: पंजाब में धान की कटाई का मौसम शुरू होने से पहले पराली प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा बयान दिया है। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना में आयोजित किसान मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मामलों में FIR दर्ज करने के पक्ष में नहीं है।



मुख्यमंत्री मान ने किसानों से अपील की कि वे धान की कटाई के बाद पराली को आग लगाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों के बीच टकराव पैदा करने के बजाय इस समस्या का व्यावहारिक समाधान तलाशने की जरूरत है।



मान ने पराली की समस्या के समाधान के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने की बात भी कही। उन्होंने लगभग ₹1,500 प्रति एकड़ की सहायता का सुझाव दिया, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह उस समय सरकार द्वारा घोषित या लागू की गई ₹1,500 प्रति एकड़ की योजना नहीं थी, बल्कि मुख्यमंत्री की ओर से सुझाया गया संभावित समाधान था। इसलिए इसे सरकारी भुगतान या नई योजना के रूप में लिखना सही नहीं होगा।



मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केवल FIR दर्ज करने या सैटेलाइट निगरानी के जरिए पराली की समस्या खत्म नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि किसानों को ऐसा विकल्प और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, जिससे वे पराली जलाने के बजाय उसका प्रबंधन करें। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि ऐसी स्थिति पैदा न हो जिसमें प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़े



पंजाब में पराली जलाने की निगरानी जारी

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FIR को लेकर मुख्यमंत्री के बयान का मतलब यह नहीं है कि पराली जलाने की निगरानी पूरी तरह बंद कर दी गई है। केंद्र सरकार के अनुसार पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी सैटेलाइट और जमीनी स्तर पर की जाती है। 2025 में पंजाब में निगरानी और रोकथाम के लिए 10,500 क्षेत्रीय कर्मी तथा 1,700 पराली सुरक्षा बल कर्मी तैनात किए गए थे।




ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में इस सीजन में 15 सितंबर से पराली जलाने की घटनाओं की रिकॉर्डिंग शुरू हुई। 18 सितंबर तक राज्य में छह मामले सामने आ चुके थे—तीन फिरोजपुर, दो तरनतारन और एक अमृतसर से। दो मामलों में कुल ₹10,000 पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जबकि एक मामले में भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की गई। 



पिछले साल यानी 2025 में पंजाब में पराली जलाने के 5,114 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 के 10,909 मामलों की तुलना में काफी कम थे।


Raj Sharma | September 19, 2026 | Punjab | Google News