Search

पंजाब में H1N1 को लेकर अलर्ट, सभी अस्पतालों में बनाए जाएंगे फ्लू कॉर्नर

पंजाब में H1N1 को लेकर अलर्ट, सभी अस्पतालों में बनाए जाएंगे फ्लू कॉर्नर

पंजाब में H1N1 को लेकर अलर्ट, सभी अस्पतालों में बनाए जाएंगे फ्लू कॉर्नर


चंडीगढ़: पंजाब में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां बढ़ा दी हैं। राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की शुरुआती स्तर पर पहचान, जांच और उपचार किया जा सके।




स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से अब तक पंजाब में H1N1 के 347 पुष्ट मामले सामने आए हैं। इनमें से अकेले लुधियाना में 95 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य में इस अवधि के दौरान 1,926 Category-C संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं। H1N1 से जुड़ी दो मौतों की सूचना दी गई है—एक लुधियाना और एक जालंधर में




स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी से जुलाई तक मामले अपेक्षाकृत कम थे, लेकिन अगस्त से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली। इसी को देखते हुए अस्पतालों को सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए अलग व्यवस्था करने को कहा गया है।




ए दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों को Influenza-like Illness (ILI) यानी बुखार, खांसी, गले में खराश और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की रिपोर्ट संबंधित जिले के सिविल सर्जन को करने के निर्देश दिए गए हैं। H1N1 या H3N2 की पुष्टि होने वाले मामलों की सूचना भी स्वास्थ्य विभाग को देना जरूरी होगा। संदिग्ध और पुष्ट मरीजों को संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यकतानुसार आइसोलेशन में रखने के निर्देश हैं




जालंधर में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। वहां सिविल अस्पताल में फ्लू कॉर्नर के साथ चार बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है




हालांकि, इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि देश में H1N1 का मौजूदा व्यवहार मौसमी पैटर्न के अनुरूप है और किसी नए या असामान्य वायरस स्ट्रेन के उभरने के संकेत नहीं मिले हैं। लोगों को स्वच्छता का ध्यान रखने, बीमार होने पर दूसरों से दूरी रखने और गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी गई है।


Raj Sharma | September 19, 2026 | Punjab | Google News