Search

पंजाब में थमेंगी सरकारी बसें, PUNBUS-PRTC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

पंजाब में थमेंगी सरकारी बसें, PUNBUS-PRTC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

पंजाब में थमेंगी सरकारी बसें, PUNBUS-PRTC के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


चंडीगढ़/लुधियाना। पंजाब में सरकारी बस सेवा एक बार फिर प्रभावित होने जा रही है। पंजाब रोडवेज, PUNBUS और PRTC के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 22 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बैठकें होने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक ठोस फैसला नहीं लिया गया है



यूनियन के अनुसार, हड़ताल शुरू होने के बाद बसों को पहली शिफ्ट से सड़कों पर नहीं उतारा जाएगा। इससे पंजाब के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच चलने वाली सरकारी बस सेवाओं पर असर पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 6,500 संविदा कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने की बात कह रहे हैं और इससे 2,700 से अधिक बसों का संचालन प्रभावित होने की संभावना है। ये आंकड़े यूनियन/रिपोर्टों में बताए गए हैं, इसलिए इन्हें आधिकारिक सरकारी आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।



नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था खत्म करने की मांग

कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग नियमितीकरण की है। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से परिवहन विभाग में संविदा और आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है।




यूनियन नेताओं का कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों में सरकार के साथ 59 से लेकर 65 तक बैठकें हो चुकी हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में बैठकों की संख्या अलग बताई गई है, इसलिए इसे एक निश्चित संख्या के बजाय यूनियन द्वारा बताए गए दावे के रूप में देखना उचित है।




कर्मचारी ठेका व्यवस्था खत्म करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन समेत कई मांगें उठा रहे हैं। इसके अलावा पिछले आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और जेल में बंद एक कर्मचारी की रिहाई की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।




EPF और ESI को लेकर भी नाराजगी

कर्मचारियों ने EPF (भविष्य निधि) और ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) से जुड़े मामलों को लेकर भी आपत्ति जताई है। यूनियन का आरोप है कि ठेका व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को इन सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है, इसलिए इन्हें यूनियन के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।




परिवहन मंत्री के साथ बैठक नहीं होने से बढ़ा विवाद

लुधियाना में हुई बैठक के बाद यूनियन नेताओं ने कहा कि परिवहन मंत्री के साथ 17 सितंबर को प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अब अगली बैठक 24 सितंबर के लिए तय होने की बात कही गई है, लेकिन कर्मचारी 22 सितंबर से हड़ताल शुरू करने के फैसले पर कायम हैं।




इससे पहले यूनियन ने सरकार को मांगों पर फैसला लेने का समय दिया था। लेकिन बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद कर्मचारियों ने राज्यव्यापी चक्का जाम का फैसला किया।


'किलोमीटर स्कीम' पर भी सवाल

यूनियन ने सरकारी बसों के बेड़े और किलोमीटर स्कीम को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। यूनियन नेताओं का दावा है कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने के बजाय निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के माध्यम से संचालन में शामिल किया जा रहा है।




नियन ने यह भी दावा किया है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 800 सरकारी बसें कंडम हो चुकी हैं। यह संख्या भी यूनियन का दावा है; उपलब्ध रिपोर्टों में इसे स्वतंत्र सरकारी आंकड़े के रूप में सत्यापित नहीं किया गया है।




यात्रियों पर पड़ सकता है सीधा असर

अगर 22 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल शुरू होती है, तो इसका सबसे सीधा असर रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। खासकर ऐसे रूट प्रभावित हो सकते हैं जहां सरकारी बसों पर यात्रियों की निर्भरता अधिक है।




फिलहाल कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं, इस पर सबकी नजर है। 22 सितंबर से प्रस्तावित हड़ताल के कारण पंजाब की सरकारी बस सेवा कितनी प्रभावित होगी, यह वास्तविक संचालन और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा। 



Raj Sharma | September 21, 2026 | Punjab | Google News