Search

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज, AAP ने शुरू किया घर-घर अभियान

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज, AAP ने शुरू किया घर-घर अभियान

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज, AAP ने शुरू किया घर-घर अभियान


चंडीगढ़: पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। चुनाव आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पंजाब विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 16 मार्च 2027 को पूरा होना है।



चुनावी तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपने संगठन और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर जोर बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 21 सितंबर 2026 को धूरी से घर-घर चुनावी अभियान की शुरुआत की। इससे पहले 19 सितंबर को लुधियाना में पार्टी ने अपना चुनावी पर्चा जारी किया था। AAP के मुताबिक, इस अभियान में पार्टी के 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर सरकार के काम और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। यह अभियान करीब एक महीने तक चलने की बात कही गई है।


AAP ने अपने अभियान को 'Mann Da Munafa' नाम दिया है। पार्टी की ओर से जारी सामग्री में सरकार के कार्यकाल के दौरान पूरी की गईारंटियों और योजनाओं को प्रमुखता दी जा रही है। साथ ही पार्टी ने पिछली SAD-BJP और कांग्रेस सरकारों के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाने शुरू किए हैं।



भाजपा ने भी तेज की चुनावी तैयारी

वहीं भाजपा पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने अगस्त में कहा था कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव सभी 117 सीटों पर अपने दम पर लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की बात कही गई है।


भाजपा की गतिविधियां भी अब चुनावी रंग लेती दिखाई दे रही हैं। सितंबर के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे और भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को 2027 के चुनाव अभियान की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। 



AAP के सामने सरकार के कामकाज को लेकर चुनावी परीक्षा

2027 का चुनाव मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार के लिए भी अहम होगा। पार्टी अब अपने करीब साढ़े चार साल के शासन को चुनावी मुद्दे के रूप में जनता के सामने रख रही है।

दूसरी ओर विपक्षी दल सरकार के सामने कई मुद्दे उठा रहे हैं। हाल के महीनों में सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन, नशे का मुद्दा, कानून-व्यवस्था, बिजली और प्रशासन से जुड़े सवाल राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि AAP इन आरोपों का राजनीतिक जवाब देती रही है। 



2026 के निकाय चुनाव ने भी बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता

इस साल हुए पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने भी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने का मौका दिया। आठ नगर निगमों के चुनाव में AAP ने 1,977 वार्डों में से 958 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 397 और SAD को 192 वार्ड मिले। भाजपा ने 172 वार्डों पर जीत दर्ज की। AAP ने आठ में से पांच नगर निगमों में बहुमत हासिल किया।


हालांकि, इन निकाय चुनावों के नतीजों को सीधे 2027 विधानसभा चुनाव का परिणाम मानना उचित नहीं होगा। पंजाब के पिछले चुनावों में भी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के परिणामों के बीच अंतर देखने को मिला है। इसलिए राजनीतिक दल इन आंकड़ों को अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रख रहे हैं।



कांग्रेस और अकाली दल भी मैदान में

कांग्रेस के लिए आने वाले महीने संगठन को मजबूत करने और राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। वहीं शिरोमणि अकाली दल भी 2027 को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति पर काम कर रहा है।

भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं सामने आई हैं। अगस्त में SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद दोनों दलों के बीच भविष्य के संबंधों को लेकर अटकलें तेज हुई थीं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्षों ने उस समय किसी नए गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।



चुनावी तारीख पर अभी तस्वीर साफ नहीं

पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त होना है। सितंबर में जनगणना कार्यक्रम की तारीखों के चलते नवंबर 2026 में विधानसभा चुनाव होने की अटकलों पर विराम लगा है और राजनीतिक दलों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला है।


ऐसे में अगले कुछ महीने पंजाब की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पार्टियां जहां संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुटी हैं, वहीं उम्मीदवारों के चयन, संभावित गठबंधनों और चुनावी मुद्दों को लेकर भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि अभी किसी दल के पक्ष में चुनावी नतीजे का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

Raj Sharma | September 24, 2026 | Punjab | Politics


जालंधर में स्वाइन फ्लू के 2 नए मामले, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23 हुई; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जालंधर में स्वाइन फ्लू के 2 नए मामले, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23 हुई; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट ...

पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह अमृतपाल की पार्टी में होंगे शामिल, भोला ड्रग मामले की जांच से रहे हैं जुड़े

पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह अमृतपाल की पार्टी में होंगे शामिल, भोला ड्रग मामले की जांच से रहे हैं जुड़े...

राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी से इनकार पर शिक्षकों को नोटिस, गैर-शैक्षणिक काम को लेकर बढ़ा विवाद

राशन कार्ड सत्यापन ड्यूटी से इनकार पर शिक्षकों को नोटिस, गैर-शैक्षणिक काम को लेकर बढ़ा विवाद...